Friday, 21 April 2017

वीडियो कैमरा: शब्दावली (Terminology)

शॉट (Shot): सभी वीडियो अलग-अलग प्रकार के शॉट्स से बने होते हैं. एक शॉट मूल रूप से तब होता है जब आप कैमरे पर रिकॉर्डिंग बटन दबाते हैं और जब उस रिकॉर्डिंग को रोकते हैं यह एक शॉट कहलाता है. ये बिलकुल वैसा है जैसे हम एक फोटो एलबम बनाने के लिए कई व्यक्तिगत तस्वीरों को इकठ्ठा करते हैं, इसी तरह शॉट्स भी एक वीडियो बनाने के लिए इकट्ठा किये जाते हैं ।

फ्रेमिंग  और रचना (Framing & Composition): फ्रेम वह तस्वीर है जिसे आप व्यूफाइंडर पर (या मॉनिटर पर) देखते हैं। और संरचना (कम्पोजीशन) वह है जो एक तस्वीर फ्रेम के अंदर जो कुछ भी दिखता है उन सब विषयवस्तु के लेआउट को संदर्भित करता है - विषय क्या है, वह फ्रेम में कहाँ है, वह किस तरफ देख रहा है, पृष्ठभूमि (background), फॉरग्राउंड (foreground), प्रकाश (Lighting) आदि।

जब आप एक शॉट की फ्रेमिंग करते हैं, तो आप कैमरे की स्थिति और ज़ूम लेंस को समायोजित करते हैं, जब तक कि आपके शॉट में वांछित संरचना (desired composition) नहीं होती है।

वीडियो उद्योग में नियमों का एक सामान्य सेट है, जो बताता है कि विभिन्न प्रकार के कैमरा शॉट्स को कैसे फ़्रेम करें, जैसे नीचे दिए गए सचित्र में दिखाया गया है -

       क्लोज अप शॉट CU (Closeup Shot)
                                                            विषय की एक विशेषता दर्शाता है
                      (P.C.- CM Gurjar)



      वाइड शॉट WS (Wide Shot)
          पुरे विषय को दिखता है
              (P.C.- CM Gurjar)

       


      वैरी वाइड शॉट VWS (Very Wide shot)
             विषय के वातावरण को दिखता है
(P.C.- CM Gurjar)
ट्रांजीशन (Transition): एक बड़ी कहानी को बताने के लिए एक अनुक्रम में शॉट्स को जोड़ा (संपादित) जाता है । जिस तरह से किसी भी दो शॉट्स को एक साथ जोड़ जाता है, इसे ट्रांजीशन कहते हैं. आम तौर पर इसे कट (cut) ट्रांजीशन कहते हैं, जिसमें एक शॉट के तुरंत बाद दूसरा शॉट बदलता है. अधिक जटिल ट्रांजीशन में मिश्रण (mixing), वाइप (wipes), डीसोल्व (dissolve), फेड (fade) और डिजिटल इफ़ेक्ट (digital effects) शामिल हैं। एक मूविंग शॉट (जैसे पैन शॉट) को एक ट्रांजीशन के रूप में भी माना जा सकता है जिसमे एक शॉट से नए शॉट पर जाते हैं। कैमरा वर्क के काम में ट्रांजीशन बहुत महत्वपूर्ण है, आपको इस दौरान इसके बारे में लगातार सोचने की ज़रूरत है कि प्रत्येक शॉट अगले शॉट के पहले या उसके बाद में कैसे फिट होगा। 

जायदा जानकारी के लिए विडियो ट्रांजीशन पर क्लिक करें.

इसके अलावा कुछ जरुरी शब्दावली हैं जिसके बारे में आगे पूरी जानकारी दी जाएगी :

पैन (PAN):                    दायें से बाएं और बाएं से दायें कैमरा घुमाना.
टिल्ट (TILT):                 ऊपर और नीचे कैमरा घुमाना.
ज़ूम (ZOOM):                इन-एंड-आउट कैमरा घुमाना (यानी करीब और दूर.
आईरिस (एक्सपोजर):      आईरिस वह होता है जो कैमरे में प्रकाश को प्रवेश देता है.
Iris (Exposure)               जायदा आईरिस का मतलब जायदा प्रकाश और उज्जवल तस्वीर.
वाइट बैलेंस :                     व्हाइट बैलेंस करना यानी कि सबसे पहले आप कैमरा को बताते हैं कि
 (White Balance)              एक्चुअल व्हाइट क्या है और फिर आपका कैमरा बाक़ी सारे एडस्टमेंट
                                          ख़ुद ही कर लेता है।
 शटर (Shutter):  शटर का उपयोग स्टील कैमरा में होता है.
ऑडियो (Audio):             ध्वनि जो विडियो के साथ जाने के लिए दर्ज की जाती है. 

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