Thursday, 6 July 2017

वीडियो कैमरा – फोकस (Focus)

अपने वीडियो को मैन्युअल रूप से फ़ोकस करने की क्षमता एक महत्वपूर्ण कौशल है।मैनुअल फोकस काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि अधिकांश पेशेवर कैमरे में ऑटो फोकस की सुविधा भी नहीं होती है.

सबसे पहले फोकस से सम्बंधित शब्दावली को जाने –

सॉफ्ट (Soft) फोकस ना होना (Out of focus) 

शार्प (Sharp)फोकस होना (In focus)

डेप्थ ऑफ़ फील्ड (Depth of field) – लेंस से उतनी दूरी की सीमा जिस पर एक स्वीकार्य रूप से शार्प फोकस प्राप्त किया जा सकता है

पुल ऑफ़ फोकस (Pull of focus) - एक शॉट के दौरान फोकस को किसी अलग बिंदु पर एडजस्ट करना.

मैनुअल फोकस का उपयोग कैसे किया जाता है - सबसे पहले, फ़ोकस रिंग और (ऑटो / मैन्नुअल बटन  - AF/MF) कण्ट्रोल बटन को मैन्नुअल  पर सेट करे. व्यवसायिक कैमरे में आमतौर पर फोकस रिंग सबसे आगे होती है. उपभोक्ता स्तर के कैमरों में आमतौर पर एक छोटा डायल होता है (नोट: आपको मेनू से "मैनुअल फोकस" चुनने की आवश्यकता हो सकती है)


फोटो सौजन्य - सोनी 

1. सबसे पहले यह तय करें की कैमरा मैनुअल फोकस मोड पर सेट है.

2. जिस विषय पर आप फोकस करना चाहते हैं उस विषय पर जितना ज़ूम-इन कर सकते हैं उतना ज़ूम करें.

3. अब फोकस रिंग को एडजस्ट (Adjust) करें जब तक कि तस्वीर शार्प (Sharp – In focus) न हो. विषय के जायदा पास के फोकस (Closer focus) के लिए रिंग को घड़ी की दिशा (clockwise direction) में घुमाएं और विषय से दूर के फोकस (Distant focus) के लिए रिंग को घड़ी की विपरीत दिशा (anticlockwise direction) में घुमाएँ.

4. अब जो फ्रेम बनाना है उस पर ज़ूम आउट करके सेट कर लें – अब फ्रेम बिलकुल साफ़ और शार्प दिखना चाहिए.

यदि आपको अपने कैमरे का फ़ोकस एडजस्ट करने की आवश्यकता है (उदाहरण के लिए, आप प्रधान मंत्री के भाषण की शूटिंग के बीच में हैं, उसी वक़्त आप महसूस करते हैं कि उनके चहरे का फोकस सॉफ्ट है), तो यह फोकस रिंग को बदलने का तरीका जानने में मदद करता है. यदि आप गलत तरीके से फोकस करते हैं तो और अधिक डीफोकस (D focus) होने की सम्भावना होती है.

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